Tuesday, 28 February 2017

मेरे दिल के हर कोने में शोना तेरी याद बसी

मेरे दिल के हर कोने में,शोना तेरी याद बसी है
जिंदगी तो तेरे संग थी,मौत तेरे बाद बची है


तुम जब सबसे छिप छिपकर घर मिलने मुझसे आती थी
कोयल जैसे कूकती,चिड़िया सी चहचहाती थी
कमरे,रसोई,बरामदा,सबमे तुमसे मुलाकात बसी है
मेरे दिल के हर कोने में,शोना तेरी याद बसी है


हम दोनो के घर के चौबारों ने तो खुद में एक इतिहास रचा है
घर भले ही दूर हमारे,चौबारों ने हमको पास रखा है
मेरे घर की सब दीवारों में तेरे हंसने की आवाज बसी है
मेरे दिल के हर कोने में शोना तेरी याद बसी है


अब तक सब अपनी मर्जी थी,या समझो मजबूरी थी सब
बिना मंज़िल के खत्म हुए आकर अपने रास्ते अब
भली-बुरी जैसी भी है,जिंदगी अपने हाथ बची है
मेरे दिल के हर कोने में शोना तेरी याद बसी है

तेरे जाने के बाद तो दुनिया सी बर्बाद हुई है
कभी खत्म ना होने वाली सबसे काली रात हुई है
"गुरू"के पास तो अब खाली कुछ तस्वीरों की सौगात बची है

मेरे दिल के हर कोने में शोना तेरी याद बसी है।।।।।।

Sunday, 26 February 2017

दर्द चाहकर भी ना सह सका

दर्द चाहकर भी ना सह सका
बिना रोए रह ही ना सका
ऐसा नही की मैं पत्थरदिल हूँ
बस हालात ऐसे थे कि कह न सका

आँख से पानी दिल से खून के आंसू रोया हूँ
शादी की खबर से लेकर अब तक चैन से न सोया हूँ
काम और शौंक,ज़रूरत और भी हैं मेरी
पर कुछ याद नही है तुझमे इतना खोया हूँ

पुरानी यादो में जाकर खुद से कहता हूँ की काश सब बदल जाये
मैं तेरे और तुन मेरे मुताबिक ढल जाये
यादों से निकलता हूँ तो दहाड़ मारता हूँ
अ-ख़ुदा जैसे भी हो बस ये वक़्त निकल जाये

कुछ भी खाया नही
ऐसा नही के खुद को समझाया नही
मेरी खुद की दलीलों में बहुत दम था
पर न जानें क्यू खुद की समझा पाया नही

"गुरू" तो हर बार बेबस सा बनकर रह गया
कभी तेरे तो कभी खुद के हिस्से का ग़म सह गया
रोते-बिलखते आत्मा मर गई मेरी
बनकर मैं एक ज़िंदा लाश खड़ा रहा गया

विदा तुम शहर से हो रही हो
खालीपन मेरे दिल में आ रहा है
आजमाकर नुस्खे सब देख लिए "गुरु"
ये दर्द है कि फिर भी बढ़ता जा रहा है

मिलो किसी मोड़पर तो मुस्कुराना ज़रूर
याद आती है या नही,आँखों से बताना ज़रूर
तेरी आजमाइश ने मेरी जिंदगी काली बना दी
मेरे मुक़ाबले अब नए रिश्ते को आजमाना ज़रूर

एक मौका मिला और तुमने जिंदगी छाँट ली
मेरे हिस्से में ग़म और अपनी झोली में खुशियां बाँट ली
आज तक तो तुम्हारे सिवा किसी को महसूस नही किआ
तुमने आगोश बदल बदलकर ज़िन्दगी काट ली

दिल दुखी है मगर फिर भी दुआ दे रहा है तुम्हे
खुदा करे की किसी मौड़ पर कभी मिलो तुम हमे
खुश रहने की मेरी दुआ को साकार करना
बस भूल जाओ तुम मुझे,भूलता हूँ मैं तुम्हे

छोड़ देंगे अब तेरा इंतेजार करना
ना मैं करूँगा ना तुम मुझे प्यार करना
बस आखिरी बार वही पुरानी दुआ मांगता हूं
नये जीवन में खुश रहना और खुश रखना

Saturday, 21 January 2017

जिंदगी

जिंदगी बदल सी गई है
ना ही गलती तेरी ना ख़ता मेरी है
जिंदगी बदल सी गई है

याद है मुझको वो छत से  तुम्हारे इशारे
कट जायेगी जिंदगी अब इन्ही यादों के सहारे
बड़े गहरे समंदर में लाकर फंसाया तुमने मुझे
दूर दूर तक नहीं दिखाई देते किनारे

न जाने कैसी उलझन दिल में खड़ी है
न गलती तेरी न ख़ता मेरी है

चेहरे पर मुस्कुराहट और दिल में नमी है
सब मिल गया फिर भी खलती तेरी कमी है
मैं ही जानता हूँ मेरा हाल क्या है पगली
बाहर से हूँ जिन्दा,अंदर से सांसे थमी हैं

कैसे मिटे दिल पर तेरी सोच गहरी है
ना गलती तेरी ना ख़ता मेरी है


हम तुम चाहते तो हाल ना होता इस कदर
जैसे -तैसे मिलकर कर लेते गुज़र बसर
कांटे तब भी होते राहो में प्यारी मगर
साथ में तो रहकर करते तय पूरा सफर

चेहरा तेरा उदास,आँखों में मेरी भी नमी है
ना गलती तेरी ना ख़ता मेरी है


देखने से लेकर इशारो तक का सफर
बातो से लेकर मिलने तक का सफर
छत से लेकर तेरी शादी तक का सफर
यादो में चलेगा मेरी समाधि तक ये सफर


मेरे दिल में अब भी बसती सूरत तेरी है
ना गलती तेरी और ना ख़ता मेरी है।


"गुरू"के दिल में तेरी सूरत अब ना बदलेगी कभी
तेरी छवि,हंसी और तेरी कमी,मेरे साथ चलेगी सभी
तुम थी,तुम हो,तुम रहोगी मेरे साथ हमेशा यों ही
साथ कोई भी हो उसमे देखूंगा बस तुम्हें ही


जिंदगी की हर घड़ी बस तुमसे सजी है
ना गलती तेरी और ना ख़ता मेरी है।।।

Wednesday, 13 April 2016

तेरे बिना रंग सब फीके होली के,जिंदगी के....

तेरे बिना रंग सब फीके
होली के,जिंदगी के....

नहीं कोई लाल,पीला नहीं नीला
ना कोई त्यौहार रंगीला
सब अरमान बेरंग से
होली के,,
जिंदगी के....

यादो का सफेद पानी आँखों में है
दिल अब तक तेरी ही यादों में है
कई साल खो गए,,धोखे में
गुरु की
जिंदगी के,,,,

जहन में तेरा चेहरा अब भी है
इस दिल में तेरा एक कोना अब भी है
कई सवाल रह गए अधूरे
दिल में,,
जिंदगी के,,,,,,,,
तेरे बिना रंग सब फीके
होली के,जिंदगी के....

Tuesday, 16 February 2016

ना दवा काम आई...ना दुआ काम आई...

हमको मोहब्बत ऐसे मुकाम लाई
ना दवा काम आई,ना दुआ काम आई

बन्द आगोश में आकर हुए बेपर्दा
ना शर्म काम आई,ना हया काम आई

मेरे होकर भी,वो मुझसे दूर हो गए
ना वफ़ा काम आई,ना जफ़ा काम आई

वो साथ थे तो जमाना साथ था,खुदा साथ था
वो छोड़ गए,ना जमाना काम आया ना खुदाई काम आई

दिल ने कहा मोहब्बत ना कर जल जायेगा
बेवफाई हुई,ना दिल काम आया,ना दिल्लगी काम आई

जमाने को फ़र्क़ नहीं पड़ा, हमारी जुदाई का
ना मैं काम आया,ना वो काम आई

26 का होकर"गुरु"ये जान पाया
जिंदगी तूँ मेरे खामखां काम आई....

हमको मोहब्बत ऐसे मुकाम लाइ
ना दवा काम आई,न दुआ काम आई

Saturday, 13 February 2016

मेरी कोई तमन्ना...

मेरी कोई भी तमन्ना कभी पूरी नहीं होती
क्योंकि मेरी हर तमन्ना का आखिरी हिस्सा तुम हो...

मेरे अंदर का बचपन मेरे इर्द गिर्द रहता है
मेरी प्रेम कथा पूरी करूँ,बस यही कहता है
पूरी कैसे करूँ,,, मेरी प्रेम कथा का आखिरी किस्सा तुम हो...

सबसे रिश्ता तोड़ लो,कहते हैं प्रेम दीवाने
मेरे मुकद्दर की मैं जानू, वो क्या जाने
किस से जोडूं,किस से तोडूं,मेरा हर रिश्ता तुम हो...

किस से क्या कहूँ,क्या हुआ मेरे प्रेम इम्तिहान का
धीरज में लूट गया,क्या फायदा हुआ इत्मिनान का
क्या इत्मीनान,क्या इमतिहां,मेरे प्रेम का नतीजा तुम हो....

यादो में यो ही रहना

चले जाना जब भी चाहो,मगर यादो में यो ही रहना
दिल में याद रखना,भले जुबान से कुछ ना कहना

चलो इतना ही सही के तुममे मेरा रुझान तो है
पल भर ही सही,तुमको मेरा ध्यान तो है
बह जाना गैरो की मोहब्बत में,मेरे अश्को में न बहना

दीदार इतना ही काफी है के जी भर देख लूँ तुम्हे
निगाह में ख्वाब तेरे,लबो पे तेरे लब मिले मुझे
बाकि तुम्हारे पास मेरे ख़त है जो उनको जला देना

ऐसा मुमकिन तो नहीं की तुम्हे कभी मेरी याद आ जाये
बह करके अश्क़ तेरी आँखों से गालो पे आ जाये...
जैसे तैसे भी हो प्यार से खुदको समझा लेना.....